अक्सर प्यार में झुकना कोई बड़ी बात नहीं,
आखिर सूरज भी तो डूबता है चाँद के लिए।
रूठना हुस्न वालों की आदत है,
और मनाना हम आशिक़ो की आदत।
जरुरी नहीं है की, इश्क़ में हमबिस्तर होना पड़े,
किसी को जीभर के महसूस करना भी इश्क़ है।
अक्सर प्यार में झुकना कोई बड़ी बात नहीं,
आखिर सूरज भी तो डूबता है चाँद के लिए।
रूठना हुस्न वालों की आदत है,
और मनाना हम आशिक़ो की आदत।
जरुरी नहीं है की, इश्क़ में हमबिस्तर होना पड़े,
किसी को जीभर के महसूस करना भी इश्क़ है।
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